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एसीएस एस सिद्धार्थ ने कहा कि जनवरी तक तीसरी बार सक्षमता परीक्षा हो जाएगी. पटना,19 दिसम्बर। नीतीश कैबिनेट ने आज अपनी बैठक में फरवरी,2023 बनी बिहार विशिष्ट शिक्षक नियमावली में महत्वपूर्ण बदलाव की स्वीकृति दी है । नये संशोधन के तहत विशिष्ट शिक्षकों पर चलेगा 15 सूत्री आचरण का डंडा-निजी ट्यूशन,कोचिंग या अन्य व्यवसायिक संस्धान से जुड़ाव पर रोक लगेगी। बर्खास्तगी,अनिवार्य सेवानिवृत्ति, पोस्ट व पे से डिमोशन ,वेतन वृद्धि पर रोक ,वेतन में कटौती व निदंन का दंड मिलेगा। एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है कि अब नियोजित शिक्षकों को सरकारीकर्मी व विशिष्ट शिक्षक बनने के लिए तीन की बजाय पांच बार सक्षमता परीक्षा देने का अवसर सुलभ होगा। पहले की नियमावली में तीन बार की परीक्षा में फेल होने पर संवंधित शिक्षक को सेवा गंवानी होगी। संशोधन मैं यह प्रावधान नहीं है। इसका मायने है कि जो पांच बार में भी पास नहीं हुए या परीक्षा नहीं दिये ,उन्हें सरकारीकर्मी का लाभ नहीं मिलेगा। दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव है कि सीएम की घोषणा के अनुरूप सक्षमता परीक्षा पास करने वाले नियोजित शिक्षक जहां पढा रहे वहीं विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान देंगे। नियोजित शिक्षक पद से स्वत:विरमित हो जायेंगे। विशिष्ट शिक्षक बन गये तो फिर नियोजित शिक्षक के रूप में वापस नहीं होंगे। तीसरा महत्वपूर्ण संशोधन के तहत विशिष्ट शिक्षक का पर ट्रासंफेरवल है।राज्य संवर्ग होगा। प्रशासनिक दृष्टिकोण कोण से राज्य के अंदर कहीं भी ट्रासंफर पोस्टिंग होगी।जिला के अंदर डीएम की अनमुति से डीईओ भी ट्रासंफर पोस्टिंग करेंगे। संशोधित नियमावली में शिक्षकों पर अनुशासन का डंडा चलाने का व्यापक प्रबंध है।लेट-लतीफी से लेकर नशा सेवन सहित 15 सूत्री आचरण पर वृहत व लघु दंड का उपबंध किया गया है। मालूम हो सक्षमता परीक्षा के प्रथम चरण में 1.87 लाख और दूसरे चरण में 65 हजार नियोजित शिक्षक पास हो गये हैं। अब 85 हजार शिक्षक परीक्षा देने के लिए बचे हैं। सरकारी वायदा के अनुसार और एक बार आनलाईन और दो बार आफलाइन परीक्षा होनी है।इसके लिए दो वर्ष का समय दिया गया है।