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भूदान भूमि के अभिलेखों के अद्यतीकरण और प्रबंधन को लेकर मंत्री ने की समीक्षा
भूदान भूमि के अभिलेखों के अद्यतीकरण और प्रबंधन को लेकर मंत्री ने की समीक्षा
by
Arun Pandey,
September 29, 2026
in
बिहार
मिशन मोड में अभिलेखों की इन्वेंट्री, स्कैनिंग एवं डिजिटलीकरण का निर्देश
अपर समाहर्ताओं की अध्यक्षता में बनेगी टीम, भूदान भूमि की तैयार होगी अलग मैपिंग
पटना.29 सितम्बर। भूदान भूमि से संबंधित अभिलेखों के अद्यतीकरण, संरक्षण एवं बेहतर प्रबंधन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में भूदान भूमि से जुड़े उपलब्ध अभिलेखों के सत्यापन, अभिलेखों की स्थिति, संरक्षण, स्कैनिंग एवं डिजिटलीकरण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए भूदान भूमि से संबंधित सभी उपलब्ध अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध भू-अभिलेखों का आवश्यकतानुसार सत्यापन कर उन्हें सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में इन अभिलेखों के उपयोग और सत्यापन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
सचिव श्री जय सिंह ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में टीम गठित कर भूदान भूमि से संबंधित अभिलेखों की विस्तृत इन्वेंट्री तैयार की जाए। इन्वेंट्री तैयार होने के बाद उपलब्ध अभिलेखों की स्कैनिंग एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जाएगा। इससे पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों का डिजिटल रूप में सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित होगा।
मंत्री ने इस पूरे कार्य की जिला स्तर पर नियमित निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभिलेखों के संधारण, डिजिटलीकरण और सत्यापन का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए तथा इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक में दान-पत्र, संपुष्टि पंजी सहित भूदान भूमि से संबंधित विभिन्न पंजियों एवं अभिलेखों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने निर्देश दिया कि भूदान की सभी संपुष्ट भूमि से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों का समेकन करते हुए अलग से भूदान भूमि मैपिंग तैयार की जाए। इससे भूदान भूमि का स्पष्ट, समेकित एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने निर्देशित किया कि भूदान भूमि से संबंधित अभिलेखों की इन्वेंट्री, संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं मैपिंग के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
बैठक में सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी,राजस्व पर्षद के अपर सदस्य श्री संजीव हंस, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, उप सचिव श्री अविनाश कुमार, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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